कला के रंगों में स्तन कैंसर जागरूकता का संदेश: SGRR विश्वविद्यालय में पोस्टर प्रतियोगिता और व्याख्यान, छात्रों ने दिया ‘संवेदना और संकल्प’ का परिचय
देहरादून, उत्तराखंड – स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, श्री गुरु राम राय (SGRR) विश्वविद्यालय ने स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में एक रचनात्मक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान शामिल था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों और अध्यापकों में स्तन कैंसर के प्रति गहरी जागरूकता बढ़ाना, इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानने और समय पर जांच व आत्म-परीक्षण के महत्व को रेखांकित करना था, ताकि इस गंभीर बीमारी से होने वाली मौतों को रोका जा सके और समय रहते उपचार संभव हो पाए।
इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों की रचनात्मक प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि उन्हें एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे से जुड़ने और अपनी कला के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी प्रदान किया।
जागरूकता माह का महत्व और SGRR विश्वविद्यालय की पहल
स्तन कैंसर जागरूकता माह हर साल दुनिया भर में मनाया जाता है ताकि इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसरों में से एक है, और इसकी प्रारंभिक पहचान उपचार की सफलता की कुंजी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, SGRR विश्वविद्यालय ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला किया।
- IQAC की भूमिका: विश्वविद्यालय का आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ ऐसे सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन IQAC की इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा था।
- समग्र उद्देश्य: कार्यक्रम का समग्र उद्देश्य केवल जानकारी प्रसारित करना नहीं था, बल्कि छात्रों और अध्यापकों को इस बीमारी के विभिन्न पहलुओं, जैसे जोखिम कारक, लक्षण, निदान और उपचार के विकल्प, के बारे में शिक्षित करना था। आत्म-परीक्षण और नियमित जांच के महत्व पर विशेष जोर दिया गया, क्योंकि यह अक्सर शुरुआती चरण में कैंसर का पता लगाने का सबसे प्रभावी तरीका होता है।
रचनात्मकता के माध्यम से दिया सशक्त संदेश: पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता थी, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। यह प्रतियोगिता छात्रों को अपनी रचनात्मकता का उपयोग करके एक गंभीर संदेश को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का एक मंच प्रदान करती है।
- प्रेरणादायक थीम: प्रतिभागियों को स्तन कैंसर जागरूकता से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने पोस्टर बनाने थे। छात्रों ने अपनी कला और विचारों का संगम करते हुए रंग-बिरंगे और प्रेरणादायक पोस्टर बनाए, जिन्होंने कार्यक्रम स्थल को एक जीवंत गैलरी में बदल दिया।
- मुख्य संदेश: पोस्टरों पर लिखे कुछ संदेश बेहद मार्मिक और सशक्त थे, जो दर्शकों के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ रहे थे:
- “समय पर जाँच से जीवन बचेगा”: यह संदेश स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान के महत्व को रेखांकित करता है।
- “उम्मीद, हिम्मत और जागरूकता”: यह संदेश बताता है कि बीमारी से लड़ने के लिए सिर्फ शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और सही जानकारी भी जरूरी है।
- “स्तन कैंसर के खिलाफ संघर्ष”: यह संदेश पीड़ितों और उनके परिवारों के संघर्ष को सम्मान देता है और समाज को इस लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान करता है।
- कला का प्रभाव: कला को अक्सर संदेश देने का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। छात्रों ने अपनी पेंटिंग, रेखाचित्र और ग्राफिक डिज़ाइनों के माध्यम से जटिल चिकित्सा जानकारी को सरल और सुलभ तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे वह अधिक लोगों तक पहुंच सके।
अतिथि व्याख्यान: विशेषज्ञों द्वारा सटीक जानकारी
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के साथ-साथ, एक अतिथि व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। ऐसे गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों पर विशेषज्ञों से सीधी जानकारी प्राप्त करना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
- विशेषज्ञों की भूमिका: अतिथि व्याख्यान के लिए कैंसर विशेषज्ञों या स्वास्थ्य पेशेवरों को आमंत्रित किया गया होगा, जिन्होंने स्तन कैंसर के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसमें बीमारी के कारणों, लक्षणों, आत्म-परीक्षण की सही विधि, मैमोग्राफी जैसे जांच तरीकों और उपलब्ध उपचार विकल्पों पर वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई होगी।
- मिथकों को तोड़ना: व्याख्यान का एक महत्वपूर्ण पहलू स्तन कैंसर से जुड़े विभिन्न मिथकों और भ्रांतियों को दूर करना भी रहा होगा। सही जानकारी अक्सर अनावश्यक भय को कम करती है और लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- प्रश्न-उत्तर सत्र: ऐसे व्याख्यान अक्सर प्रश्न-उत्तर सत्रों के साथ समाप्त होते हैं, जहाँ छात्र और अध्यापक अपने संदेहों को दूर कर सकते हैं और विशेषज्ञों से सीधे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह इंटरेक्टिव सत्र जागरूकता को और गहरा करने में मदद करता है।
संवेदना और संकल्प का परिचय
SGRR विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह संस्थान की संवेदनशीलता और समाज के प्रति उसके संकल्प का परिचायक था।
- छात्रों को सशक्त बनाना: छात्रों को ऐसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों से जोड़कर, विश्वविद्यालय उन्हें न केवल शिक्षित कर रहा है बल्कि उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी तैयार कर रहा है, जो अपने समाज की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को समझते हैं और उनमें योगदान देने को तैयार रहते हैं।
- समुदाय में जागरूकता: विश्वविद्यालय जैसे संस्थान ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपने परिसर से परे जाकर व्यापक समुदाय में भी जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्र अपने परिवारों और दोस्तों के साथ इस जानकारी को साझा करके जागरूकता के एक बड़े नेटवर्क का निर्माण कर सकते हैं।
- स्वास्थ्य संबंधी पहल: यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की व्यापक स्वास्थ्य संबंधी पहलों का भी हिस्सा हो सकता है, जिसमें स्वास्थ्य शिविर, परामर्श सत्र और अन्य जागरूकता अभियान शामिल हैं।
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स्तन कैंसर जागरूकता माह एक महत्वपूर्ण अवसर है, और SGRR विश्वविद्यालय ने अपनी रचनात्मकता और शैक्षिक संसाधनों का उपयोग करके इस अवसर का बखूबी लाभ उठाया है। कला और विज्ञान का यह संगम निश्चित रूप से स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक सकारात्मक प्रभाव डालेगा और कई जिंदगियों को बचाने में मदद करेगा।
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